ताऊजी री स्मृति नैं निंवण
दिवाळी रै ईं मोकै जद कै सगळा ई आप-आप रै ढंग सूं त्योहार मनावणै री धुन में लाग रैया है, म्हारो मन जाबक ई फीको है... लारड़ी दिवाळी सूं ठीक पैल्यां बडोड़ा भुवाजी सगळा नैं छोड‘र चल्या गया हा। ईं बार गीगलै रा बड़ा दादोजी अर बडा ताऊजी श्री श्यामलाल जी आपणै बीचाळै नीं है। 16 अक्टूबर नैं ताऊजी भी सगळा नैं छोड‘र भीर हुयग्या। वां री स्मृति नैं निंवण...
लेखन अपने आपमें रचनाधर्मिता का परिचायक है. लिखना जारी रखें, बेशक कोई समर्थन करे या नहीं!
ReplyDeleteबिना आलोचना के भी लिखने का मजा नहीं!
यदि समय हो तो आप निम्न ब्लॉग पर लीक से हटकर एक लेख
"आपने पुलिस के लिए क्या किया है?"
पढ़ सकते है.
http://baasvoice.blogspot.com/
Thanks.